शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

४५९.मनचाही मृत्यु

'रागदिल्ली' वेबसाइट पर प्रकाशित मेरी कविता:


उन्होंने कहा,
मरने के लिए तैयार रहो,
सारा इंतज़ाम है हमारे पास-
गोली, चाकू, डंडा, फंदा,
तुम ख़ुशकिस्मत हो,
बता सकते हो
कि तुम्हें कैसे मरना है.
पूरी कविता पढ़ने के लिए लिंक खोलें. https://www.raagdelhi.com/poetry-onkar-2/

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर बहुत खूब
    आपकी रचनाएं बहुत खुबसरत है
    हाल ही में मैंने ब्लॉगर ज्वाइन किया है आपसे निवेदन है कि आप मेरी कविताओं को पढ़े और मुझे सही दिशा निर्देश दे
    https://shrikrishna444.blogspot.com/?m=1
    धन्यवाद

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