बाहर से ही नहीं,
अंदर से भी करना,
सफ़ाई करो,
तो अच्छी तरह करना।
**
कूड़ा हटाओ,
तो ध्यान से हटाना,
बेकार समझकर
फेंक मत देना
घर की कोई अनमोल चीज़।
**
बड़े भोले हैं लोग,
समझते ही नहीं
कि गहरी जमी मैल
नहीं हटती झाड़ू से।
**
जो तुम हटा रहे हो,
बहुत क़ीमती है,
जो तुम रख रहे हो,
वही कूड़ा है।
**
कबाड़ी आए,
तो उसे दे देना
घर का सारा कूड़ा,
साथ में दे देना
सारी नफ़रत,
सारा भय,
सारी ग्रंथियां।




