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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

875.पटाखे

 


  1. चकरी 

घूमो, तो ऐसे घूमो,

जैसे घूमती है चकरी,

किसी के इर्द-गिर्द नहीं,

अपनी जगह। 

इतना तेज़ घूमो,

इतनी देर तक घूमो 

कि देखनेवाले सब कुछ छोड़कर 

देखते रहें तुम्हारा घूमना। 


  1. लाल पटाखे 

हार मत मानो,

लड़ते रहो,

फटते रहो लगातार 

लाल पटाखों की तरह। 

धीमी आवाज़ में ही सही,

देर तक फटो,

तब तक फटो,

जब तक बचा रहे तुममें 

थोड़ा-सा भी बारूद। 


  1. रॉकेट 

फटना ही है,

तो रॉकेट की तरह फटो,

ज़मीन पर नहीं,

आसमान में जाकर फटो।  

थोड़ा ज़ोर से फटो,

लोग देखें तो सही,

डरें तो सही,

कुछ तो असर छोड़ो 

फुस्स होने से पहले। 



मंगलवार, 3 नवंबर 2026

874. दिवाली पर सफ़ाई

 


बाहर से ही नहीं,

अंदर से भी करना,

सफ़ाई करो,

तो अच्छी तरह करना। 

**

कूड़ा हटाओ,

तो ध्यान से हटाना,

बेकार समझकर 

फेंक मत देना 

कोई अनमोल चीज़। 

**

बड़े भोले हैं लोग, 

समझते ही नहीं 

कि गहरी जमी  मैल 

नहीं हटती झाड़ू से। 

**

जो तुम हटा रहे हो,

अनमोल है,

जो तुम रख रहे हो,

वही कूड़ा है। 

**

कबाड़ी आए,

तो उसे दे देना

घर का सारा कूड़ा,

साथ में दे देना

थोड़ी-सी नफ़रत,

थोड़ा-सा भय,

थोड़ी-सी ग्रंथियां। 


गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

873. करवा चौथ

 


मेरे घर आना,

तो करवा चौथ पर आना,

वही एक दिन है,

जब मुझे अपना घर 

अपना-सा लगता है। 

++

करवा चौथ के दिन
मैं चाँद से कहता हूँ,
समय पर उग जाना,
वह देर से उगता है,
तो दोषी उसे नहीं,
मुझे ठहराया जाता है।

++

करवा चौथ के दिन 

इतना शांत होता है मेरा घर

कि यह मुझे अपना नहीं, 

किसी और का घर लगता है। 

++

करवा चौथ के बाद 

पत्नी का मूड ऐसे बदलता है,

जैसे बरसात के तुरंत बाद 

निकल आए कड़ी धूप। 

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026

872. लड़ाइयाँ

 


मैं बीवी से लड़ा,

बच्चों से लड़ा, 

परिवार से लड़ा,

पड़ोसियों से लड़ा। 


मैं मुहल्ले से लड़ा,

शहर से लड़ा,

देश से लड़ा,

दुनिया से लड़ा। 


मैं भूल गया 

ख़ुद  से लड़ना,

ख़ुद से लड़ा होता,

तो मुझे नहीं लड़नी पड़तीं

इतनी सारी लड़ाइयाँ। 




बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

871. सीमाएं

 



जो मैंने सोचा था,

वह मैं कर नहीं पाया,

जो मैं कर पाया,

वह मैंने सोचा नहीं था। 


जो मैं कर पाया,

वह बहुत अच्छा था,

पर जो मैं कर नहीं पाया,

उसको न  कर पाने की कसक 

हमेशा मेरे साथ रहती है। 


अब मैं न वह कर पाता हूँ, 

जो मैंने सोचा है,

न वह, जो मैं कर सकता हूँ,

पर जो मैंने सोचा नहीं है।