मंगलवार, 23 जून 2020

४५०. मत लौटना

'रागदिल्ली' वेबसाइट पर प्रकाशित मेरी कविता: 

बेटे,
बहुत राह देखी तुम्हारी,
बहुत याद किया तुम्हें,
अब आओ, तो यहीं रहना....

8 टिप्‍पणियां:

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  2. सादर नमस्कार,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार
    (26-06-2020) को
    "सागर में से भर कर निर्मल जल को लाये हैं।" (चर्चा अंक-3744)
    पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है ।

    "मीना भारद्वाज"

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  3. बधाई सर।
    जी सर लिंक नहीं खुल रहा।

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  4. बेहतरीन प्रस्तुति...आदेश है या आग्रह पर बहुत सुंदर है.

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  5. सुन्दर पर पूरी रचना यहाँ भी होती तो बेहतर।

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  6. बहुत ही उम्दा लिखावट , बहुत ही सुंदर और सटीक तरह से जानकारी दी है आपने ,उम्मीद है आगे भी इसी तरह से बेहतरीन article मिलते रहेंगे
    Best Whatsapp status 2020 (आप सभी के लिए बेहतरीन शायरी और Whatsapp स्टेटस संग्रह) Janvi Pathak

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