रविवार, 15 मार्च 2020

४१०.शोला

Bbq, Barbecue, Coal, Flame, Grill


मैं शोला हूँ,
मुझमें घी मत डालो,
भड़क उठूंगा,
छोड़ दो मुझे चुपचाप,
मैं ठंडा हो जाऊंगा,
राख बन जाऊंगा,
तुम्हें पता भी नहीं चलेगा.

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मैं शोला था,
राख का बोझ सहता रहा,
तुम आए,
फूँक भी नहीं मारी 
और वापस लौट गए.

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