गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

५३३. तार पर क़तार



बहुत सारी चिड़ियाँ 

तार पर बैठी हैं क़तार में,

जैसे सुस्ता रही हों 

एक लम्बी उड़ान के बाद

या तैयारी में हों 

एक लम्बी उड़ान की.


लगता है, चिड़ियाँ भोजन के लिए बैठी हैं 

और किसी ने सामने से टेबल हटा दी है,

यह भी हो सकता है 

कि वे गंभीर चर्चा के लिए 

इकठ्ठा हुई हों 

और सोच रही हों 

कि वर्तमान दौर में 

नई चिड़ियों को जन्म देना 

कितना सही होगा.

14 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर सृजन। चिडियों के लिए सभी सम्भावनाएं हैं! आपके अनुमान सही हैं। बधाई। सादर!

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  2. चिड़ियों के माध्यम से बहुत सुन्दर संदेश देती खूबसूरत कविता।

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  3. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (१३-०२-२०२१) को 'वक्त के निशाँ' (चर्चा अंक- ३९७६) पर भी होगी।

    आप भी सादर आमंत्रित है।
    --
    अनीता सैनी

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  4. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन  में" आज शुक्रवार 12 फरवरी 2021 को साझा की गई है.........  "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  5. वर्तमान दौर में

    नई चिड़ियों को जन्म देना

    कितना सही होगा....

    सटीक रचना..

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  6. चिड़ियों को इंगित कर वर्तमान में सटीक है आपकी रचना।

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  7. बहुत सारी चिड़ियाँ

    तार पर बैठी हैं क़तार में,

    जैसे सुस्ता रही हों

    एक लम्बी उड़ान के बाद

    या तैयारी में हों

    एक लम्बी उड़ान की....बहुत सुंदर रचना

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  8. बहुत सुन्दर.. सांकेतिक भाषा में कही गई अप्रिय बात भी प्रिय लगती है..

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  9. और सोच रही हों
    कि वर्तमान दौर में
    नई चिड़ियों को जन्म देना
    कितना सही होगा.

    वर्तमान विडंबनाओं पर करारा कटाक्ष ...
    शानदार ओंकार जी ❗🙏❗

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  10. एक नई और अबूझी दुन‍िया के वाश‍िंंदों के ल‍िए हम भी उतने ही अबूझे रहते हैं...सटीक कव‍िता..वाह

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  11. सच है इंसान तो इंसान बाकी जीव भी सहमे हुए हैं कायनात के बदलाव से

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  12. कि वर्तमान दौर में

    नई चिड़ियों को जन्म देना

    कितना सही होगा.

    चिड़ियों का ये सोच जायज है

    बहुत सुंदर ही अभिव्यक्ति,सादर नमस्कार

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