सोमवार, 4 अक्तूबर 2021

६०८.डॉक्टर



अस्पताल का डॉक्टर

हमेशा कहता था 

कि मैं उसके लिए 

बस एक मरीज़ हूँ,

न इससे ज़्यादा,

न  इससे कम.

 

वह हमेशा कहता था 

कि उसे बस रोग दिखता है,

रोगी नहीं, 

डॉक्टर का काम है 

बस इलाज करना,

वर्जित है उसके लिए

रोगी से कोई लगाव. 


अस्पताल का डॉक्टर 

हमेशा यही कहता था, 

क्योंकि वह ख़ुद से डरता था,

वह जानता था 

कि डॉक्टर भी इंसान होते हैं. 



8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल बुधवार (06-10-2021) को चर्चा मंच         "पितृपक्ष में कीजिए, वन्दन-पूजा-जाप"    (चर्चा अंक-4209)     पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार करचर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'   

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत ही गहरी बात कही आपने सर

    जवाब देंहटाएं
  3. सटीक सजीव संदर्भ उठाया आपने ओंकार जी ।सार्थक रचना ।

    जवाब देंहटाएं
  4. सुंदर, सार्थक रचना !........
    ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    जवाब देंहटाएं