मंगलवार, 21 सितंबर 2021

६०३. मौसम

 


बहुत गर्मी है आज,

सूरज चिलचिला रहा है,

हवाएं ख़ामोश हैं,

पत्ते गुमसुम,

पसीने की जैसे 

नदी बह रही है,

पर आज मौसम अच्छा है,

आज तुम घर जो आ रही हो. 


10 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल गुरुवार(२३-०९-२०२१) को
    'पीपल के पेड़ से पद्मश्री पुरस्कार तक'(चर्चा अंक-४१९६)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

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  3. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर गुरुवार 23 सितंबर 2021 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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  4. बहुत सुंदर भावों अहसास । सुंदर कृति ।

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