top hindi blogs

शनिवार, 16 नवंबर 2019

३८७.सड़कें

Winding Road, Road, Travel, Sunrise

बेघर होती हैं सड़कें,
बारिश में भीगती हैं,
ठण्ड में ठिठुरती हैं,
धूप में तपती हैं सड़कें.

जूतों तले दबती हैं,
टायरों तले कुचलती हैं,
थूक-पीक झेलती हैं,
ख़ामोश रहती हैं सड़कें.

मरी-सी लेटी रहती हैं,
जीवन चलता है उनपर,
ख़ुद तो नहीं चलतीं,
दूसरों को चलाती हैं सड़कें.

जब भी कभी सांस आती है,
ध्रुवतारा खोजती हैं सड़कें,
सूनी आँखों से ऊपर देखती हैं,
मंज़िल तलाशती हैं सड़कें.

शुक्रवार, 8 नवंबर 2019

३८६.सूरज

Sunrise, Sun, Morgenrot, Skies

घर की बालकनी से मैं
सूरज को ताकता हूँ,
सूरज मुस्कराता है,
पूछ्ता है,'उठ गए ?
मैं भी उठ गया.'

लाल गुलाल सी किरणें 
मेरे चेहरे पर
मल देता है सूरज. 

मैं कमरे में लौटता हूँ,
आईने में देखता हूँ,
चेहरा तो साफ़ है,
पर महसूस करता हूँ 
कि  रंग दिया है सूरज ने 
कहीं गहरे तक मुझे. 

शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2019

३८५. दिल्ली

Qutubminar, Delhi, Architecture, Indian

लाल किले जितना बड़ा 
दिल्लीवालों का दिल,
यमुना जैसा छिछला 
उनका गुस्सा,
क़ुतुब मीनार जितनी ऊंची 
उनकी सोच,
जामा मस्जिद जैसे पाक 
उनके इरादे.

क्या आपको लगता है 
कि आप उस दिल्ली में हैं,
जिसमें ऐसे लोग रहते हैं?

शनिवार, 12 अक्टूबर 2019

३८४. इस बार

इस बार मिलने आऊँ,
तो ए .सी. बंद कर देना,
खिड़कियाँ खोल देना,
आने देना अन्दर तक
बारिश में भीगी हवाएं.

मत बनाना मेरे लिए पकवान,
झालमुड़ी का एक दोना बहुत होगा,
काजू, पिस्ता,बादाम नहीं,
थोड़ी-सी मूंगफली मंगवा लेना.

फिर चलेंगे गली के नुक्कड़ पर
उसी पुराने लैम्पपोस्ट के पास,
बातें करेंगे घंटों खड़े होकर,
भूल जाएंगे घुटनों का दर्द.

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2019

३८३. बोलो

बोलो 
कि चुप रहना ज़रूरी नहीं है,
न ही यह तुम्हारे हित में है.

हो सकता है, 
तुम्हारे चुप रहने से 
यह मान लिया जाय 
कि तुम्हें बोलने की ज़रूरत ही नहीं 
और तुम्हारी जीभ काट ली जाय.

यह भी हो सकता है 
कि आज तुम्हारे चुप रहने से 
दूसरे लोग तब चुप रहें,
जब उनका बोलना 
तुम्हारे लिए बेहद ज़रूरी हो.

डरो मत, बोलो,
गूंगे भी चुप नहीं रहते,
तुम्हारे मुंह में तो फिर भी ज़ुबान है.