शनिवार, 30 नवंबर 2019

३८९. अमृत

Beverage, Cappuccino, Coffee, Breakfast, Caffeine

मन पर लगाम कस के,
कई दिनों की कोशिशों से
उस लड़की ने जुटाए हैं 
एक कप कॉफ़ी के पैसे.

टॉफ़ी खाई है कई बार उसने,
कोक भी पीया है एक बार,
बस कॉफ़ी ही नहीं चखी है-
सुन्दर से कप में परोसी, 
गर्मागर्म झागवाली कॉफ़ी.

बहुत ख़ुश है आज वह लड़की,
आख़िर वह भी चखेगी कॉफ़ी,
देर तक महसूस करेगी उसका स्वाद,
घूँट-घूँट उतारेगी गले से नीचे,
आज महसूस करेगी वह 
कि अमृत का स्वाद कैसा होता है.

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज रविवार 01 दिसम्बर 2019 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. वाह बहुत खूब।
    हृदय स्पर्शी रचना।

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  3. सच वही अमृत है जिह तक अपनी पहुंच नहीं...
    बहुत सुन्दर...।

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  4. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार (25-11-2019) को "गठबंधन की राजनीति" (चर्चा अंक 3537) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित हैं….
    *****
    रवीन्द्र सिंह यादव

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  5. बहुत ही उम्दा लिखावट , बहुत ही सुंदर और सटीक तरह से जानकारी दी है आपने ,उम्मीद है आगे भी इसी तरह से बेहतरीन article मिलते रहेंगे Best Whatsapp status 2020 (आप सभी के लिए बेहतरीन शायरी और Whatsapp स्टेटस संग्रह) Janvi Pathak

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