जितना झुक सकता था,
उससे ज़्यादा झुक गया हूँ मैं,
जीने के लिए अब उठना,
खड़ा होना ज़रूरी है।
और मत झुकाओ मुझे,
ज़रा सीधा होने दो,
इतना झुक चुका हूँ मैं
कि मुझे साफ़-साफ़ दिखने लगा है
अपना ज़रूरत से ज़्यादा झुकना,
तुम्हारा ज़रूरत से ज़्यादा तनना।
जब साफ़-साफ़ दिखने लगे तब से ही उठना, सीधा खड़े होना शुरू हो जाता है
वाह , सही अभिव्यक्ति
बेहतरीन
आत्मसात् करने योग्य अभिव्यक्ति
सुंदर
गहन अभिव्यक्ति ।
गहरी बात सजह कह दी ...
जब साफ़-साफ़ दिखने लगे तब से ही उठना, सीधा खड़े होना शुरू हो जाता है
जवाब देंहटाएंवाह , सही अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंबेहतरीन
जवाब देंहटाएंआत्मसात् करने योग्य अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंसुंदर
जवाब देंहटाएंगहन अभिव्यक्ति ।
जवाब देंहटाएंगहरी बात सजह कह दी ...
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