बुधवार, 17 जुलाई 2019

३६८. बारिश


Geranium, Cranes-Bill, Pelargonium

आज बहुत तेज़ बरसा पानी,
धूल-सने पत्ते जमकर नहाए,
गहरी भीग गईं सूखी डालियाँ.

तृप्त हो गईं प्यासी जड़ें,
कलियों ने चुपके से मुंह खोल
गटक लिया थोड़ा-सा पानी.

बारिश रुकने के बाद देर तक
फूलों ने पंखुड़ियों पर थामे रखीं
पानी की दस-बीस बूँदें,
जैसे कि प्यास बुझ गई हो,
पर मन अभी भरा नहीं हो.

5 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (19-07-2019) को "....दूषित परिवेश" (चर्चा अंक- 3401) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. वाह क्या सुंदर लिखावट है सुंदर मैं अभी इस ब्लॉग को Bookmark कर रहा हूँ ,ताकि आगे भी आपकी कविता पढता रहूँ ,धन्यवाद आपका !!
    Appsguruji (आप सभी के लिए बेहतरीन आर्टिकल संग्रह) Navin Bhardwaj

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  3. बहुत ही उम्दा लिखावट , बहुत ही सुंदर और सटीक तरह से जानकारी दी है आपने ,उम्मीद है आगे भी इसी तरह से बेहतरीन article मिलते रहेंगे Best Whatsapp status 2020 (आप सभी के लिए बेहतरीन शायरी और Whatsapp स्टेटस संग्रह) Janvi Pathak

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