top hindi blogs

शनिवार, 18 अक्टूबर 2014

१४२. दिया, हवाओं से


हवाओं, ज़रा धीरे बहो.

अभी बाती बची है मुझमें,
थोड़ा तेल भी शेष है,
सुबह होने में देर है अभी,
मुझे तनिक और जलने दो.

अगर नहीं मानना तुम्हें,
तो कर लो अपनी मर्ज़ी,
लगा लो पूरा ज़ोर,
देखना, कहीं से आएंगी,
दो कोमल हथेलियाँ,
ढांप लेंगी मेरी लौ,
बेबस कर देंगी तुम्हें.

फिर तुम कितना भी तेज़ बहो,
कितना भी ज़ोर लगा लो,
मैं बुझूंगा नहीं,
फिर तो जब तक मुझमें
बाती रहेगी, तेल रहेगा,
जब तक मैं रहूँगा,
मैं जलता रहूँगा.

शनिवार, 11 अक्टूबर 2014

१४१. दूर से

दूर आसमान में टिमटिमाता 
छोटा-सा सितारा 
मुझे अपनी ओर खींचता है.

मेरा मन करता है 
कि तेज़ हवाएं चलें,
मुझे उड़ा ले जायं 
वहाँ, जहाँ वह सितारा है.

या फिर मैं बादलों के साथ 
भटकता रहूँ इधर से उधर,
ज़रा नज़दीक से देखूं सितारे को.

पर फिर मुझे लगता है 
कि मैं यहीं ठीक हूँ,
यहीं, ज़मीन पर,
सितारे से बहुत दूर,
क्योंकि दूर से जो चीज़
बहुत अच्छी लगती है,
पास से अकसर वैसी नहीं लगती.

अब तो मैं  यही चाहता हूँ  
कि हमेशा ज़मीन से 
देखता रहूँ सितारे को, 
मेरी यह सोच कभी न बदले 
कि वह सितारा 
जो आसमान में चमक रहा है 
कितना सुंदर है !

बुधवार, 1 अक्टूबर 2014

१४०. आखिरी समय

इतनी जल्दी भी क्या है? 

एक आखिरी मेल लिख लूं,
बस एक ट्वीट कर लूं,
ब्लॉग पर पोस्ट कर लूं,
फ़ेसबुक खोल लूं,
स्टेटस अपडेट कर लूं,
तो फिर चलूँ.

यह सब हो जाय,
फिर भी मोहलत मिल जाय,
तो वह भी कर लूं,
जो कभी कर नहीं पाया, 
जिसके लिए कभी 
वक्त ही नहीं मिला.

थोड़ा समय और मिल जाय,
तो एक नेक काम कर लूं,
बस फिर चलूँ.

शनिवार, 13 सितंबर 2014

१३९. परिवर्तन

अब कोई बहस नहीं होगी,
न कोई अनदेखी, न अपमान.
बात-बात पर रूठ जाना,
हर चीज़ में नुक्स निकालना,
गुस्सा करना, चिड़चिड़ाना,
किस्मत को कोसना,
बेवज़ह की ज़िद करना -
अब सब बदल गया है.

मेरी रोज़-रोज़ की बदतमीज़ियाँ
अब बीते ज़माने की बात हो गई है.

पहले जैसा कुछ भी नहीं रहा,
मेरा बेटा अब बच्चा नहीं रहा,
पिताजी, वह भी जवान हो गया है.

रविवार, 7 सितंबर 2014

१३८. पसंद और प्यार

तुम्हारे हाव-भाव,
तौर-तरीके,चाल-ढाल,
मुझे बिल्कुल पसंद नहीं,
मैं आँखें बंद करके सोचूँ,
तो कुछ भी ऐसा नहीं दिखता,
जो मैं तुममें पसंद कर सकूं,
पर न जाने क्यों,
तुम्हारा दुःख मुझसे 
सहा नहीं जाता,
तुम्हारी थोड़ी-सी तकलीफ़
मुझे बेचैन कर देती है,
न जाने क्यों  
मुझे हर वक्त 
तुम्हारा ख्याल रहता है.

कभी-कभी मैं सोचता हूँ,
काश, मैं तुम्हें प्यार नहीं करता,
जैसे कि मैं तुम्हें पसंद नहीं करता.