चकरी
घूमो, तो ऐसे घूमो,
जैसे घूमती है चकरी,
किसी के इर्द-गिर्द नहीं,
अपनी जगह।
इतना तेज़ घूमो,
इतनी देर तक घूमो
कि देखनेवाले सब कुछ छोड़कर
देखते रहें तुम्हारा घूमना।
लाल पटाखे
हार मत मानो,
लड़ते रहो,
फटते रहो लगातार
लाल पटाखों की तरह।
धीमी आवाज़ में ही सही,
देर तक फटो,
तब तक फटो,
जब तक बचा रहे तुममें
थोड़ा-सा भी बारूद।
रॉकेट
फटना ही है,
तो रॉकेट की तरह फटो,
ज़मीन पर नहीं,
आसमान में जाकर फटो।
थोड़ा ज़ोर से फटो,
लोग देखें तो सही,
डरें तो सही,
कुछ तो असर छोड़ो
फुस्स होने से पहले।


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