एक चिड़िया
उड़ते हुए आई,
चहचहाने लगी
पेड़ की डाल पर।
बूढ़ा पेड़ हर्षाया,
बहुत दिनों बाद
दूर हुआ उसका
एकाकीपन।
बस थोड़ी देर और,
फिर उड़ जाएगी चिड़िया,
उसका घोंसला कहीं और है,
पर पेड़ ख़ुश है,
थोड़े समय के लिए ही सही,
चिड़िया उसके पास आई तो.
बूढ़े पेड़ पर पत्ते न सही,
उसकी उम्मीदें हरी हैं,
शायद फिर एकाध बार
आ जाय कोई चिड़िया,
बैठ जाय उसकी डाली पर,
शायद एकाध बार फिर
सुनाई पड़ जाय उसे
चिड़ियों की चहचहाट
मरने से पहले।
उड़ते हुए आई,
चहचहाने लगी
पेड़ की डाल पर।
बूढ़ा पेड़ हर्षाया,
बहुत दिनों बाद
दूर हुआ उसका
एकाकीपन।
बस थोड़ी देर और,
फिर उड़ जाएगी चिड़िया,
उसका घोंसला कहीं और है,
पर पेड़ ख़ुश है,
थोड़े समय के लिए ही सही,
चिड़िया उसके पास आई तो.
बूढ़े पेड़ पर पत्ते न सही,
उसकी उम्मीदें हरी हैं,
शायद फिर एकाध बार
आ जाय कोई चिड़िया,
बैठ जाय उसकी डाली पर,
शायद एकाध बार फिर
सुनाई पड़ जाय उसे
चिड़ियों की चहचहाट
मरने से पहले।




