तुम्हारे तीरों के प्रहार से
छिटक गई है मेरी ढाल,
पर अभी बची हुई हैं
मेरी हथेलियाँ,
जो होती रहेंगी छलनी,
रोकती रहेंगी तुम्हारे तीर.
जब नहीं रहेंगी हथेलियाँ,
तब भी बचा रहेगा मेरा सीना,
झेलता रहेगा तुम्हारे तीर.
जीते जी नहीं हरा पाएंगे
तुम्हारे ये तीर मुझे,
अगर सच में जीतना चाहते हो,
तो आजमाओ मुझ पर
कोई कोमल हथियार.



