क्या आपने जूट की लकड़ी देखी है?
मेरे यहाँ पाटखोड़ी कहते हैं इसे,
पतली-सी होती है,कमज़ोर सी,
पाँव पड़ते ही टूट जाती है,
पर जब यह जलती है,
तो देखने लायक होता है इसका जलना,
एकदम से धधक उठती है सिर से पाँव तक.
एक बार जल उठे,
तो रोकना मुश्किल होता है इसे,
फिर राख होने तक जलती है,
फिर जलाकर ही मानती है यह।


सुंदर
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