शनिवार, 14 सितंबर 2019

३८०.कूड़ा

अगर तुम्हें कहीं चिंगारी मिले,
तो मुझे दे देना,
बहुत सारा कूड़ा फैला है मेरे इर्द-गिर्द,
उसे जमा करना है,
जलाना है उसे.

कुछ धुआं तो निकलेगा,
थोड़ा प्रदूषण भी फैलेगा,
पर कोई दूसरा उपाय नहीं है,
कूड़ा इतना ज़्यादा है 
कि सफ़ाई संभव ही नहीं है. 

जब सब कुछ जल जाएगा,
ज़मीन समतल हो जाएगी,
तो नए तरीक़े से नया निर्माण होगा,
जिसमें न कूड़े के लिए जगह होगी,
न कूड़ा फैलानेवालों के लिए.



शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

३७९. चींटियाँ

Red Ant, Ant, Macro, Insect, Ant, Ant

चींटियाँ कहीं भी,
किसी के भी 
पांवों तले दब जाती हैं,
इतनी छोटी होती हैं वे 
कि दिखाई ही नहीं पड़तीं.

वे आगाह भी करती हैं ,
तो किसी को पता नहीं चलता,
उनकी चीख़ें नहीं पहुँचती 
कुचलनेवालों के कानों तक.

किसी को फ़र्क नहीं पड़ता 
चींटियों के मर जाने से,
पर चींटियों का जन्म हुआ है,
तो उन्हें जीने का हक़ है,
जीने के लिए लड़ने का हक़ है.  

अगर चींटियों को जीना है,
तो उन्हें बनाना होगा अलग रास्ता,
ऊंची करनी होगी आवाज़
और काट खाना होगा उन पांवों को,
जिनके नीचे दबकर वे दम तोड़ देती हैं.

रविवार, 1 सितंबर 2019

३७८. ख़ुशी

मैं तुमसे बस इतना चाहता हूँ 
कि तुम हमेशा ख़ुश रहो,
तुम्हारी ख़ुशी आधी-अधूरी नहीं, 
पूरी हो, भरपूर हो,
जैसी किसी माँ के चेहरे पर 
तब दिखाई पड़ती है,
जब डॉक्टर उससे कहता है 
कि उसका मरणासन्न बच्चा 
अब ख़तरे से बाहर है.

शुक्रवार, 23 अगस्त 2019

३७७. किताबें

Books, Stack, Book Store, Stack Of Books
उस दिन मैंने देखा,
कबाड़ी के सामान में 
कुछ पुरानी किताबें थीं,
तुड़ी-मुड़ी, पीली-सी,
कुछ किताबें स्वस्थ भी थीं,
मेन्टेन कर रखा था उन्होंने ख़ुद को.

कातर नज़रों से मुझे 
देख रही थीं किताबें,
सुबक-सुबक कर कह रही थीं,
हमें ख़रीद लो किलो के भाव,
सजा देना अपने बुक-शेल्फ़ में,
भले पढ़ना मत.

किताबें कह रही थीं,
जब हमें फाड़ा जाता है
और हमारे पन्नों में 
भेलपुरी परोसी जाती है,
तुम्हें क्या बताएं,
हमें कितना दर्द होता है?

रविवार, 18 अगस्त 2019

३७६. इतवार

Bird, Yellow, Nature, Colorful, Branch

एक छोटी-सी चिड़िया 
मुंह अँधेरे उठ गई,
नाचने लगी,गाने लगी,
खुशियाँ मनाने लगी.

आज भी उसे काम करना है,
आज भी उसे उड़ना है,
पर उसका मन प्रसन्न है
कि कोई उबाऊ वार नहीं,
आज इतवार है.