शुक्रवार, 25 नवंबर 2016

२३७. हज़ार के नोट

मुझे नहीं लगना लाइनों में,
नहीं बदलवाने हज़ार के नोट,
हालाँकि कुछ पुराने नोट 
मेरे पास महफ़ूज़ रखे हैं.

कर दिए होंगे उन्होंने बंद
हज़ार के नोट,
पर जो मेरे पास रखे हैं,
अनमोल हैं.

इनमें किसी की 
उँगलियों की छुअन है,
किसी की झलक है इनमें,
ये नोट जब पास होते हैं,
तो मुझे लगता है,
किसी के साथ हूँ मैं.

मेरे हज़ार के नोट का मूल्य 
अगर टैक्सवालों को पता चल जाय,
तो मेरे लिए बताना मुश्किल हो जाय 
कि इतनी संपत्ति मैंने कैसे जमा की 
और इसके बारे में अब तक 
किसी को बताया क्यों नहीं.

6 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन
    कवि हृदय ही समझ पाता है
    स्पर्श का मूल्य
    सादर

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  2. आपने लिखा....
    मैंने पढ़ा....
    हम चाहते हैं इसे सभ ही पढ़ें....
    इस लिये आप की रचना दिनांक 27/11/2016 को पांच लिंकों का आनंद...
    पर लिंक की गयी है...
    आप भी इस प्रस्तुति में सादर आमंत्रित है।

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  3. स्पर्श का मुल्य विरले ही समझ पाते है। सुंदर प्रस्तुति।

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  4. सुुुुन्दर शब्द रचना
    http://savanxxx.blogspot.in

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  5. ekdum sach hai.. mere paas bhi hain aise kuchh note, jo mujhe nahi badalvaane... na kabhi jama karaane hain kahin...

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