सोमवार, 30 दिसंबर 2013

१११. पुराना साल

कई दिनों से लगातार
सिसक रहा है पुराना साल,
सुन रहा है नए साल के 
आने की आहट.
सोच रहा है कि काश 
उसे समय मिल जाय,
अपनी छाप छोड़ दे वह,
गुज़रे सालों के अम्बार में 
कुछ अलग नज़र आए वह,
एक-एक कर वे सारे काम कर जाए, 
जो उसने तब सोचे थे 
जब वह पुराना नहीं,
नया साल था.

सुनो,पुराने साल,
यह तो तुम भी जानते हो 
कि बेफ़िक्री में बिताया तुमने पूरा जीवन,
कुछ नहीं कर पाए तुम,
क्योंकि करने का प्रयास ही नहीं किया,
अब रोने से क्या फ़ायदा?
तुम कुछ भी कर लो,
कितना भी गिड़गिड़ा लो,
जाना तो तुम्हें होगा ही,
पल भर की मोहलत भी 
नहीं मिलनेवाली तुम्हें,
ऐसा ही होता है,
यही नियम है,
यही सच है.

पुराने साल, उठो,
अब भी कुछ कर लो,
थोड़ा समय तुम्हारे पास 
अब भी शेष है,
कुछ नहीं करने से तो अच्छा है 
कि जाते-जाते कुछ कर जाओ.

7 टिप्‍पणियां:

  1. नए साल की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ.....

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  2. २०१३ से आह्वान ... कुछ तो कर जाओ इन १०-१२ घंटों में ... पर जो अब तक नहीं कर पाए वो क्या कर सकेंगे ...?
    नया साल मुबारक हो आपको ....

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  3. बहुत बढ़िया प्रस्तुति...आप को और सभी ब्लॉगर-मित्रों को मेरी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं...

    नयी पोस्ट@एक प्यार भरा नग़मा:-तुमसे कोई गिला नहीं है

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    गये साल को है प्रणाम!
    है नये साल का अभिनन्दन।।
    लाया हूँ स्वागत करने को
    थाली में कुछ अक्षत-चन्दन।।
    है नये साल का अभिनन्दन।।...
    --
    नवल वर्ष 2014 की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  5. आप सभी का शुक्रिया. नया साल मुबारक हो.

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  6. बहुत सुंदर प्रस्तुति...!
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाए...!
    RECENT POST -: नये साल का पहला दिन.

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