शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

१०२. दीपक


हटाओ मुझे यहाँ से,
कहीं और ले चलो.

यहाँ बहुत उजाला है,
हवाएं शांत हैं,
यहाँ मेरे जलने 
या न जलने से 
कोई फ़र्क नहीं पड़ता.

मुझे वहाँ ले चलो 
जहाँ खूब अँधेरा हो,
तेज़ हवाएं चलती हों,
जहाँ मेरी ज़रूरत हो,
जहाँ मुझे लगे 
कि मैं जल रहा हूँ.

कुछ दे सकते हो मुझे,
तो लड़ने का संबल दो,
नई बाती डालो मुझमें 
और ढेर सारा तेल.

अँधेरा हटाने दो मुझे,
हवाओं से लड़ने दो,
बुझते-बुझते जलने दो,
ले चलो मुझे यहाँ से,
मेरा जलना सार्थक करो.

16 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह पोस्ट आज के (०२ नवम्बर, २०१३) ब्लॉग बुलेटिन - ये यादें......दिवाली या दिवाला ? पर प्रस्तुत की जा रही है | बधाई

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  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति ,,,
    दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ ।।
    ===============================
    RECENT POST -: तुलसी बिन सून लगे अंगना

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  3. bahut sunder prastuti, mere blog par bhi padharen apka swagat hai .

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज रविवार (03-11-2013) "बरस रहा है नूर" : चर्चामंच : चर्चा अंक : 1418 पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का उपयोग किसी पत्रिका में किया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    प्रकाशोत्सव दीपावली की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  5. हटाओ मुझे यहाँ से,
    कहीं और ले चलो.

    यहाँ बहुत उजाला है,
    हवाएं शांत हैं,
    यहाँ मेरे जलने
    या न जलने से
    कोई फ़र्क नहीं पड़ता.

    बहुत खूब निर्बल से लड़ाई बलवान की ,कलि काल में चलनी है ,दीये की एक न चलनी है।

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  6. बहुत सुन्दर. दीपोत्सव की मंगलकामनाएँ !!
    नई पोस्ट : कुछ भी पास नहीं है

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  7. बहुत सुन्दर अर्थपूर्ण रचना ...
    दीपावली के पावन पर्व की बधाई ओर शुभकामनायें ...

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  8. बहुत सुंदर दीपोत्सव शुभ हो !

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  9. बहुत अच्छी प्रस्तुति...दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं...
    नयी पोस्ट@जब भी जली है बहू जली है

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  10. कुछ दे सकते हो मुझे,
    तो लड़ने का संबल दो,
    नई बाती डालो मुझमें
    और ढेर सारा तेल.
    ...बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति...दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें!

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  11. वाह!!! बहुत सुंदर !!!!!
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बधाई--

    उजाले पर्व की उजली शुभकामनाएं-----
    आंगन में सुखों के अनन्त दीपक जगमगाते रहें------

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  12. वाह .... अनुपम भाव संयोजन
    दीपोत्‍सव की अनंत शुभकामनाएं

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  13. Onkar sir

    Namaste and Happy Diwali wishes to you, to your family members and friends.

    Onkar your poems are veyy thoughtful and meaningful. Onkar sir a beauituful Deep poem.

    Onkar sir this is my Diwali message "Lamps of India" which i shared in my Heritage of India blog.

    http://indian-heritage-and-culture.blogspot.in/2013/09/lamps-of-india.html

    Onkar sir please read my Lamps of India message and give your valuable comments in english.

    Onkar sir i hope you like my blog and join as a member to my Heritage of India blog and having hope to receive your english comments.

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