शुक्रवार, 18 दिसंबर 2015

१९६. व्यस्त




मैं बहुत व्यस्त हूँ,
ज़िन्दगी भर रहा,
न औरों के लिए,
न अपनों के लिए,
यहाँ तक कि
ख़ुद के लिए भी 
वक़्त ही नहीं मिला .

अब हिसाब करता हूँ,
तो पाता हूँ कि
मेरी व्यस्तता 
किसी के काम नहीं आई.

तुम सब जो व्यस्त हो,
ज़रा साँस ले लो,
और सोच लो कि
तुम किसलिए व्यस्त हो.

कहीं ऐसा तो नहीं कि
तुम एक विशाल वृत्त की 
परिधि पर हो, 
दौड़ रहे हो,
हांफ रहे हो,
पर केंद्र से तुम्हारी दूरी 
उतनी ही बनी हुई है.

9 टिप्‍पणियां:

  1. जय मां हाटेशवरी....
    आप ने लिखा...
    कुठ लोगों ने ही पढ़ा...
    हमारा प्रयास है कि इसे सभी पढ़े...
    इस लिये आप की ये खूबसूरत रचना....
    दिनांक 20/12/2015 को रचना के महत्वपूर्ण अंश के साथ....
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की जा रही है...
    इस हलचल में आप भी सादर आमंत्रित हैं...
    टिप्पणियों के माध्यम से आप के सुझावों का स्वागत है....
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    कुलदीप ठाकुर...

    उत्तर देंहटाएं
  2. बिलकुल सटीक और सार्थक चिंतन...बहुत सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (20-12-2015) को "जीवन घट रीत चला" (चर्चा अंक-2196) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं
  4. आखिर आज की भागमभाग भरे जिंदगी में करे भी तो क्या करे। जाने कितनी ही जिम्मेदारियों से जकड़े हम अपने लिए कुछ सोच ही नहीं पाते। एक उम्र बाद समझ आता है तब तक बहुत देर हो गयी होती है। क्या करे हिसाब किताब अंत में लगाने की आदत है हमको। ..
    बहुत सुन्दर विचारणीय रचना प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका इंतजार....

    उत्तर देंहटाएं
  6. सबके जीवन का सच. भागते दौड़ते ज़िन्दगी निकल जाती पर मुकाम पर नहीं पहुँचते. उत्तम.

    उत्तर देंहटाएं