शनिवार, 8 जून 2013

८४. फल

उसे फल खाना पसंद है,
पर वही जिन्हें खाना आसान हो,
जिनके लिए न चम्मच चाहिए,न छूरी,
न ही जिनको खाने में हाथ गंदे होते हों.

उसे केले जैसे फल पसंद हैं
या फिर सेब,अंगूर जैसे,
संतरे,पपीते जैसे नहीं,
क्योंकि वह नफ़ासत-पसंद है.

जो फल वह खाना चाहता है,
उससे कोई प्रतिरोध उसे मंज़ूर नहीं,
वह कोई ज़द्दोज़हद नहीं चाहता,
वह बस पूरा समर्पण चाहता है.

6 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...

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  2. फल के माध्यम से इन्सान की प्रवृति बयाँ कर दी ...
    प्रभावी लिखा है ...

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  3. पूरा समर्पण चाहता है ..... फल से यह भी पता चल जाता है ॥कमाल है ।

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  4. मी लार्ड ..
    शुभकामनायें आपको !

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