शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

३४५.ठंड में बारिश


बारिश,  
बरसने से पहले
थोड़ा तो सोचा होता
कि अस्पतालों के बाहर
मरीज़ सो रहे हैं। 

थोड़ा तो सोचा होता
कि फुटपाथों पर
कुछ बच्चे, कुछ बूढ़े
कुछ महिलाएं, कुछ पुरुष
सो रहे हैं। 

बारिश
तुमने बहुत ग़लत किया
जो घरों से बाहर थे
तुमने एक बार फिर
उन्हें बेघर कर दिया।

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