शनिवार, 11 जुलाई 2015

१७६. माँ

वह नहीं कर सकती 
अंग्रेज़ी में गिटपिट,
खा नहीं सकती 
कांटे-चम्मच से खाना,
नहीं कोई उसको 
पश्चिमी संगीत की समझ,
अंजान है वह अंग्रेज़ी फ़िल्मों से.

नहीं आता उसे 
एस.एम.एस.करना,
अकाउंट नहीं उसका 
फ़ेसबुक-ट्विटर पर,
व्हाट्स एप के बारे में 
कुछ नहीं सुना उसने.

सलीका नहीं है उसे 
बातचीत करने का,
जीवन जीने का,
कर सकती है तुम्हें 
शर्मिंदा कभी भी.

तुम चाहो तो दूर रखो उसे,
परिचय मत दो उसका,
मत कहो किसी से 
कि वह तुम्हारी माँ है,
पर कोई नहीं कह सकता 
कि वह नहीं जानती 
प्यार करना, ममता लुटाना,
ऐसा हो ही नहीं सकता,
क्योंकि वह जैसी भी है,
माँ है.

6 टिप्‍पणियां:

  1. वाह ... माँ सच में माँ है ... कितना कुछ आता है उसे ... जो आता है वो शायद इतना अधिक है की जो न आता है उसे वो कुछ भी नहीं ...

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  2. माँ नए ज़माने के साथ नहीं चल सकती . पर उसकी दुआ सारी जिन्दगी हमारे साथ चलती है | बहुत खूब |

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  3. सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति !

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