बांसुरियों, सज जाओ होंठों पर,
बजो,
पायलों, बंध जाओ पाँवों में,
खनको,
गीतों,चढ़ जाओ ख़ुश्क जीभों पर,
गूँजो।
बरस रहा है पानी रिमझिम,
तर हो गई है सूखी मिट्टी,
जुताई के लिए तैयार हैं खेत,
अब गूंजना चाहिए फ़ज़ाओं में
उल्लास में तर संगीत।
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