कविताएँ
मंगलवार, 22 जुलाई 2025
816. पासवर्ड
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फ़ाइल बाद में बना लेंगे, पहले पासवर्ड बनाते हैं, छिपाने का इंतज़ाम करते हैं, बाद में तय करेंगे कि छिपाना क्या है। ** याद रखना पासवर्ड, ...
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बुधवार, 16 जुलाई 2025
815. आइसक्रीम
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आइसक्रीम वाला आता था, तो आ जाते थे मोहल्ले के सारे बच्चे, यह उन दिनों की बात है, जब फ़्रिज़ नहीं होते थे घरों में, जब नहीं होती थी आइसक्रीम सि...
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शुक्रवार, 11 जुलाई 2025
814. प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन
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ट्रेन, इतनी देर क्यों रुकती हो तुम? कोई तो नहीं चढ़ता यहाँ से, किसका इंतज़ार है तुम्हें? किस उम्मीद में जी रही हो तुम? तुम्हारे पास तो कोई क...
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बुधवार, 2 जुलाई 2025
813. चढ़ूँगा, तभी तो पहुंचूंगा
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न जाने कब से खड़ा हूँ इस भीड़-भरे प्लेटफ़ॉर्म पर, ट्रेनें आती जा रही हैं कभी इस ओर से, कभी उस ओर से, रुक रही हैं ठीक मेरे सामने। चढ़ रहे ह...
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सोमवार, 23 जून 2025
812. युद्ध के समय आसमान
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इन दिनों आसमान में नहीं दिखते बादल, धुआँ दिखता है, नहीं कड़कती बिजली, बमों के धमाके होते हैं, नहीं होतीं बौछारें, मिसाइलें बरसती हैं । इन दि...
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