मंगलवार, 22 जुलाई 2025

816. पासवर्ड

 



फ़ाइल बाद में बना लेंगे, 

पहले पासवर्ड बनाते हैं, 

छिपाने का इंतज़ाम करते हैं, 

बाद में तय करेंगे 

कि छिपाना क्या है। 

**

याद रखना पासवर्ड,

बस तीन मौक़े मिलेंगे,

कोई ज़िंदगी नहीं है 

कि बार-बार ग़लती करो 

और रास्ता खुला रहे। 


6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर गुरुवार 24 जुलाई 2025 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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  2. वाक़ई ज़िंदगी कितनी मेहरबान है न

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