आपकी रचना "अहंकार और दूसरों से संघर्ष" के बजाय "आत्म-निरीक्षण और आत्म-सुधार" को जीवन की वास्तविक शांति का मार्ग बताती है। बहुत सुंदर सादर ----- जी नमस्ते, आपकी लिखी रचना शुक्रवार २३ अक्टूबर २०२६ के लिए साझा की गयी है पांच लिंकों का आनंद पर... आप भी सादर आमंत्रित हैं। सादर धन्यवाद।
वाह...क्या बात कही है!
जवाब देंहटाएंआपकी रचना "अहंकार और दूसरों से संघर्ष" के बजाय "आत्म-निरीक्षण और आत्म-सुधार" को जीवन की वास्तविक शांति का मार्ग बताती है।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
सादर
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार २३ अक्टूबर २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
व्वाहहहहहह
जवाब देंहटाएंलड़ने में भी भूल हो जाती है
आभार
सादर