बांसुरियों, सज जाओ होंठों पर,
बजो,
पायलों, बंध जाओ पाँवों में,
खनको,
गीतों,चढ़ जाओ भीगी जीभों पर,
गूँजो।
बरस रहा है पानी रिमझिम,
तर हो गई है सूखी मिट्टी,
जुताई के लिए तैयार हैं खेत,
अब गूंजना चाहिए फ़ज़ाओं में
उल्लास में पगा संगीत।
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में गुरुवार 28 मई, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
ओंकार भाई,बेसब्री से इंतजार है इसका ! अभी तो भुनाई हो रही है 😅
वर्षा के आगमन पर सुंदर उद्गार
वाह
वाह ! अति सुन्दर भावाभिव्यक्ति ।
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में गुरुवार 28 मई, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंओंकार भाई,
जवाब देंहटाएंबेसब्री से इंतजार है इसका ! अभी तो भुनाई हो रही है 😅
वर्षा के आगमन पर सुंदर उद्गार
जवाब देंहटाएंवाह
जवाब देंहटाएंवाह !
जवाब देंहटाएंअति सुन्दर भावाभिव्यक्ति ।