शुक्रवार, 8 मई 2026

855. माँ

कल मदर्स डे के अवसर पर सभी माँओं के सम्मान में मेरी यह कविता।

***

उसने नहीं सीखा हथियार चलाना,

नहीं लड़ी कोई लड़ाई,

पर वह डटी रहती है 

मोर्चे पर हर वक़्त,

डरती नहीं किसी वर्दी से,

ख़ौफ़ नहीं उसे किसी दुश्मन का। 


उसका घर उसका देश है,

देहरी देश की सीमा,

बच्चे देश के नागरिक,

उसके होने भर से 

महफ़ूज़ रहता है उसका देश,

चैन से सोते हैं उसके बच्चे। 




8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर मंगलवार 12 मई 2026 को लिंक की गयी है....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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  2. माँ का आँचल उसके बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह है । अति सुन्दर !!

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